REWA NEWS | छह वर्ष बाद भी नहीं बट पाया शत-प्रतिशत मुआवजा


रीवा | राष्ट्रीय राजमार्ग 7 के फोरलेनीकरण के दौरान किसानों की जो भूमि अधिग्रहण की गई थी, उसका शत-प्रतिशत मुआवजा छह वर्ष बाद भी नहीं बट सका है। राष्ट्रीय राजमार्ग-7 एवं 27 बनकर तैयार भी हो चुके हैं जिनमें पथकर भी वसूला जाने लगा है परंतु ऐसे कई किसान जिनकी जमीन का अधिग्रहण होने के बाद उन्हें मुआवजा नहीं मिल पाया है। तहसील न्यायालय से लेकर कमिश्नर न्यायालय तक पडे प्रकरणों का निराकरण नहीं हो पाया है।
फोरलेन के लिए हुआ था भू-अधिग्रहण
गौरतलब है कि फोरलेनीकरण के लिए छह वर्ष पूर्व भूमि का अधिग्रहण किया गया था। जिसमें जमकर भ्रष्टाचार किए जाने के कई मामले भी सामने आए थे। किसानों द्वारा तहसील, अनुविभागीय एवं कमिश्नर न्यायालय में मुआवजे के लिए प्रकरण भी दायर किए गए थे परंतु न तो उनका निराकरण ही हो सका और न ही उनकी जमीन का सही मुआवजा ही मिल सका है।
हनुमना में 89 किसान वंचित
जिले के हनुमना तहसील अंतर्गत अभी 89 लोगों को मुआवजा मिलना शेष है, जिसकी राशि 2 करोड़ 55 लाख 14 हजार रूपये बताई जाती है। हालाकि भू अधिग्रहण के बदले मुआवजा वितरण के लिए चिन्हित 1 हजार 773 में से 1 हजार 684 भू-स्वामी किसानों को राशि बांटी जा चुकी है, जबकि 89 भू-स्वामियों को मुआवजा राशि बांटी जाना शेष है। इसी तरह शेष तहसीलों में भी सैकड़ा भर से अधिक प्रकरण मुआवजा राशि केलम्बित बताए गये हैं।
अटरिया में 22 लोगों को नहीं मिली राशि
एनएच 7 के चौड़ीकरण के लिए हनुमना तहसील के 22 गांव के भू-स्वामियों की भूमि अधिग्रहित की गई थी। जिनमें से बहुती चौथ गांव के 8 भू-स्वामी, टड़हर के 2, चौहना  के 9, अटरिया के 22, बिझौली गहरवारन के 5, दुगौली के 7, मसुरिह के 7, देवरा के 9 व अन्य गांव के भू-स्वामियों को मुआवजा राशि मिलना बांकी है। मऊगंज एसडीएम द्वारा बताया गया कि यदि किसी भी किसान की भूमि का अधिग्रहण के बाद अवार्ड किया गया है और उसका नाम सूची में शामिल है तो उसे मुआवजा राशि मिलने में किसी भी तरह की अड़चन नहीं आयेगी। 

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