REWA NEWS | सरकार इन्हें देगी दो करोड़, जानिए क्यों ?


शिवराज सिंह चौहान 10 दिन में तीसरी बार बुधवार को रीवा पहुंचे। उन्होंने नईगढ़ी अन्त्योदय मेले में खेती को लाभ का धंधा बनाने पर जोर दिया। गरीबों को जमीन का मालिकाना हक देने की बात दोहराते हुए कहा, किसानों के बेटों के लिए सरकार ने युवा कृषि उद्यमी योजना शुरू की है। सरकार ऐसे किसान पुत्रों को जो कृषि उपकरण, प्याज का पेस्ट, तुअर दाल मिल सहित अन्य कृषि उद्योग लगाना चाहते हैं, उन्हें 10 लाख रुपए से दो करोड़ रुपए तक ऋण बैंकों से दिलवाएगी। इस योजना में ऋण की गारंटी सरकार देगी।
862 करोड़ की प्रस्तावित माइक्रो एरिगेशन योजना का भी सीएम ने जिक्र किया
मुख्यमंत्री ने कहा, किसान की उपज की तौल के लिए खरीदी केन्द्र बढ़ाने के साथ ही नईगढ़ी में उप-कृषि उपज मंडी खोली जाएगी। बाणसागर की 862 करोड़ की प्रस्तावित माइक्रो एरिगेशन योजना का भी सीएम ने जिक्र किया। कहा कि हर खेत में पानी पहुंचाने के लिए जल्द ही आधारशिला रखेंगे। 19 मिनट के भाषण में मुख्यमंत्री ने बिजली, सडक़, शिक्षा, पानी और स्वास्थ्य की योजनाओं को गिनाया।
बिल प्रति माह 200 रुपए निर्धाति करेंगे
उन्होंने कहा कि गरीबों को बिजली के बिल की समस्या जल्द दूर करेंगे। मीटर की झंझट से निजात दिलाकर हर गरीब का औसत बिल प्रति माह 200 रुपए निर्धाति करेंगे। बेटी बढ़ओ, बेटी बचाओ की चर्चा करते हुए कहा, एक तरफ बेटियों को देवी मानकर पूजा की जाती है, वहीं, दूसरी ओर धरती पर नरपिशाच पैदा हो जाते हैं, जो मासूम बेटियों के साथ दुराचार करतें हैं।
ऐसे दुराचारियों को होगी फंसी
ऐसे दुराचारियों से निपटने के लिए कानून बनाया है, जो मासूम बेटियों से दुष्कृत्य करेगा। उन्हें फांसी के फंदे पर लटका देना चाहिए, मृत्यु दंड दिया जाना चाहिए। अन्त्योदय मेले में 147 करोड़ के निर्माण कार्यों का सीएम ने शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को 13 करोड़ से अधिक का लाभ वितरण किया। मौके पर उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्रा, विधायक गिरीश गौतम, विधायक दिव्यराज सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
पंचायत में 125 की पर्ची कटाओ, ट्राली भरकर रेत ले जाओ
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक रीवा जिले में हर गरीब का पक्का मकान नहीं बन जाता, हम पैसा भेजते रहेंगे। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की चर्चा करते हुए कहा कि रेत खदानों की जिम्मेदार पंचायतों को दे दी गई है। एक हजार रायल्टी देने के बाद पंचायतों में 125 रुपए की पर्ची कटाकर कोई भी ट्रैक्टर-ट्राली भरकर रेत ले आए, स्वयं उपयोग करे और पैसे की जरूरत पड़े तो बाजार में बेच कर पैसे कमाए। अभी तक ठेकेदार कमाते थे आब गांव का पैसा गांव में रहेगा।

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