MP NEWS | पटवारी भर्ती परीक्षा में इस तरह गलत जारी हो रहे एडमिट कार्ड, पूरा मामला जानकर चौंक जाएंगे आप


सतना। व्यापमं की पटवारी परीक्षा लगातार गड़बड़ियों का शिकार हो रही है। इसका खामियाजा परीक्षार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला गुरुवार को पटवारी परीक्षा देने पहुंचे एक परीक्षार्थी का तब सामने आया जब परीक्षार्थी व्यापमं द्वारा जारी गलत प्रवेश पत्र लेकर केंद्र में पहुंचा।
वहां उसका आधार का मिलान भी हो गया। लेकिन, टीसीएस के कर्मचारियों ने बोर्ड के एडमिट कार्ड का मिलान किए बिना उसे इस आधार पर बाहर कर दिया कि प्रवेश पत्र में उसका गलत नाम लिखा था।
व्यापमं के ऑब्जर्वर भी तय समय में नहीं पहुंचे
जबकि अभ्यर्थी चिल्लाता रहा कि आप व्यापमं की वेबसाइट खोलकर देख लें, उसमें अब सही नाम दिखा रहा है। हद तो यह थी कि इस मामले के अंतिम निर्णय के लिए लगाए गए व्यापमं के ऑब्जर्वर भी तय समय में नहीं पहुंचे थे। लिहाजा, पात्र होने के बाद भी परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित कर दिया गया।
प्रवेश पत्र के भाग एक में गलत नाम
पटवारी परीक्षा से वंचित परीक्षार्थी दूबन कुमार कुशवाहा ने पत्रिका को बताया कि उसका परीक्षा केन्द्र रामाकृष्णा कॉलेज दिया गया था। तय समय पर वह परीक्षा केंद्र पहुंच गया था। उसने बताया कि जब उसने अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड किया था, उस वक्त उसके प्रवेश पत्र के भाग एक में गलत नाम 'डूबन ज्ञान होना चाहिएÓ लिखा हुआ था।
प्रवेश पत्र के भाग 2 में दूबन कुमार कुशवाहा
प्रवेश पत्र के भाग 2 में उसका नाम 'डूबन ने कहा है कि इस्तेमाल किया जाएÓ लिखा हुआ था। जबकि आवेदन भरते वक्त उसने अपना नाम दूबन कुमार कुशवाहा भरा था। इस पर व्यापमं के हेल्पलाइन नंबर में बात की थी। वहां बताया गया था कि आप परीक्षा केंद्र में जाइएगा। वहां आधार वैरीफिकेशन होगा। यदि प्रवेश पत्र में आपत्ति होती है तो उस वक्त आप वहीं व्यापमं की साइट में इसे खुलवा कर दिखवा दीजिएगा।
अब सभी ने साधी चुप्पी
मामले में जब टीसीएस के स्टाफ से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली है। उधर हैरानी वाली बात यह है कि आखिर तय समय तक व्यापमं के जनरल ऑब्जर्वर वहां क्यों नहीं पहुंचे थे? परीक्षा से जुड़े अधिकारी इस मामले में व्यापमं और कोर्ट से ही निराकरण की बात कर रहे हैं। बहरहाल वर्तमान में पात्रता होने के बाद भी परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो गया है।
थंब इंप्रेशन नहीं मिलने पर भी परीक्षा दे सकेंगे
उधर, पटवारी परीक्षा के दौरान थंब इम्प्रेशन नहीं मिलने के कारण परीक्षा से वंचित किए गए छात्रों के लिए राहत की खबर है। इंदौर हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में परीक्षार्थी को राहत देते हुए शासन को आदेशित किया है कि छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं कर सकते हैं। संबंधित छात्र शुभम नागर को २६ दिसंबर को होने वाली परीक्षा में शामिल कराने कहा गया है।
स्टाफ की तानाशाही
गुरुवर को जब परीक्षार्थी परीक्षा केन्द्र पहुंचा तो उसका आधार सत्यापन हो गया। परीक्षा कक्ष में प्रवेश होने के बाद टीसीएस के स्टाफ ने उसके प्रवेश पत्र को देखा। इस पर उन्हें बताया गया कि यह व्यापमं की गलती है। आप वेबसाइट में चेक कर लें। लेकिन टीसीएस के स्टाफ ने अपनी तानाशाही दिखाते हुए जबरन परीक्षा से वंचित कर दिया। जबकि अब प्रवेश पत्र में सही नाम दिखा रहा है। दूबन ने बताया कि इस मामले के निराकरण के लिये जब वहां तैनात व्यापमं के आब्जर्वर से मिलने का प्रयास किया गया तो पता चला कि वे आए ही नहीं है। इस तरह से पात्रता के बाद भी उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ा।

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