इसलिए पुलिस 1300 काली पल्सर चालकों की कुंडली खंगालेगी | MP NEWS

भोपाल। एमपी नगर और ऐशबाग में लूट की दोनों वारदातों को पुलिस गंभीरता से ले लिया है। पुलिस काली पल्सर सवार बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं। उनको घेरने के आरटीओ से मिली 1300 काली पल्सर की सूची खंगालने में जुट गई है। पुलिस कोशिश कर रही है कि शहर के किस बदमाश के नाम या उसके करीबी के पास काली पल्सर है। वहीं फुटेज की मदद से पुलिस दोनों आरोपियों को दबोचने की तैयारी में है।
हम बता दें कि सोमवार दोपहर एमपी नगर थाना क्षेत्र की ठंडी सड़क पर बाइक सवार दो बदमाशों ने उज्जौन निवासी शिक्षिका राजकुमारी ठाकुर का पर्स छीन लिया था। इस वारदात के महज सात घंटे बाद ऐशबाग के पद्मनाभ नगर में रानी निगम से भी बाइक सवार बदमाशों ने बैग झपटा था। दोनों ही वारदातों के दौरान बदमाश सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे।
एमपी नगर में हुई लूट की वारदात में बदमाशों काली पल्सर पर सवार थे। पर कैमरे में बाइक का नंबर स्पष्ट नजर रहीं आ रहा था। पुलिस को सिर्फ फुटेज की मदद से इस बात का पता चला है कि बदमाशों की बाइक भोपाल की है। वहीं ऐशबाग में हुई लूट की वारदात के दौरान सीसीटीवी कैमरे में कैद बदमाशों को हुलिया अंधेरा होने के कारण साफ नजर नहीं आ रहा है। हालांकि यह साफ हो चुका है कि वारदात में पल्सर बाइक होने से बात साफ हो चुकी है।
1300 पल्सर में बदमाशों की पल्सर की तलाश
एमपी नगर थाना पुलिस ने भोपाल आरटीओ से शहर में रजिस्टर्ड काली पल्सर की जानकारी मांगी थी। पुलिस को मंगलवार को आरटीओ ने करीब 1300 काली पल्सर की सूची दी है। जिसकी मदद से पुलिस बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि शहर के किस बदमाश, लुटेरे व चोर या उसके रिश्तेदार के नराम पर पल्सर बाइक रजिस्टर्ड है।
तीन भागों में सूची बांटी
पुलिस ने आरटीओ से मिली 1300 बाइक की सूची को तीन भांगों में बांटा है। इस नया शहर, पुराना शहर और देहात शामिल है। इसी आधार पुलिस हाल ही में जेल से छूटे लुटेरों व बदमाशों की जानकारी जुटा रही है। हालांकि अब तक पुलिस को कोई महत्वपूर्ण सुराग हाथ नहीं लगा है।

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