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रीवा : GST के नाम पर नगर निगम में गैर कानूनी वसूली

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2017-07-15 06:43:59

रीवा | नई कर प्रणाली जीएसटी की आड़ मे नगर निगम गैर कानूनी तरीके से वसूली कर रहा है। राज्य कर विभाग की कार्यशाला और प्रशिक्षण का कोई असर निगम प्रशासन पर नहीं दिख रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि जीएसटी के पैमाने कहां और किस पर लागू होंगे यह जानते हुए भी ननि का राजस्व विभाग 18 फीसदी जीएसटी ले रहा है।

यह मामला नगर निगम द्वारा किराये पर दी गई दुकानों से जुड़ा है। बताया जाता है कि नगर निगम राजस्व शाखा के मोहर्रिर सरेआम किरायेदारों से जीएसटी की18 फीसदी रकम वसूल रहे हैं। ताजा मामला शुक्रवार को मड़वास हाउस के सामने किराये पर दी गई दुकानो से जुड़ा है । निगम की राजस्व शाखा ने दुकान क्रमांक 9 का अप्रैल से जुलाई 4 महीने का किराया 3787 रूपये लिया है। जिसमें 562 रूपये जीएसटी का शामिल है । अमरनाथ सिंह पुत्र कामता सिंह के नाम से किराये पर दी गई इस दुकान का 4 महीने का कुल भाड़ा 3120 रूपया और उस पर 105 रूपये ब्याज शामिल है। बुक क्रमांक 66 रसीद क्रमांक 80 में 18 फीसदी जीएसटी का जिक्र है।

क्या कहता है नियम
नई कर प्रणाली के तहत किराये के मकान, दुकान आदि पर जीएसटी लगाने के प्रावधान तय हैं। कर अधिनियम के तहत 10 हजार तक के किराये की दुकान य मकान पर जीएसटी नहीं लगेगा। इससे ऊपर के किराये पर जीएसटी लगाने का प्रावधान है। इसी प्रकार 10 हजार रूपये एक दिन के भाड़े पर शादी या विवाह समारोह आदि आयोजन के लिए हॉल किराये पर लेने पर भी जीएसटी लागू नहीं होगी। लेकिन नगर निगम मात्र कुछ सौ रूपये महीना की दुकान पर जीएसटी लेना शुरू कर दिया है। यह पहला मामला है जिसमें नगर निगम खुद गैर कानूनी वसूली के चक्रव्यू में उलझने जा रहा है।

इस संबंध में सम्पत्तिकर अधिकारी अरूण मिश्रा का कहना है कि जीएसटी के नाम पर किराये की दुकान में वसूली की जानकारी उन्हे नहीं है। राजस्व विभाग को सेवाकर के रूप में 18 फीसदी की वसूली करने का प्रावधान है। पहले सेवाकर 14 फीसदी लिया जाता रहा है। जिसे 4 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है। श्री मिश्रा के बयान से स्पष्ट होता है कि नगर निगम राजस्व शाखा में मनमानी तरीके से नियम विरूद्ध लोगो से वसूली की जा रही है। किरायेदार के नाम काटी गई रसीद में स्पष्ट रूप से जीएसटी का उल्लेख किया गया है।

मुझे इस संबंध में जानकारी नहीं है। जानकारी लेने के बाद ही मैं बता सकता हूं कि दुकानों के रेंट में जो जीएसटी लगाई गई है वह कितनी लगाई जाएगी।
सौरभ सुमन, नगर निगम आयुक्त

एक हजार से दस हजार रुपए के बीच किराया में जो रेंट बनता है उसमें जीएसटी नहीं लगनी चाहिए। शादी ब्याह के लिए दस हजार रुपए एक दिन के रेंट पर भी जीएसटी लागू नहीं है। 
संगीता गुप्ता, राज्य कर आयुक्त

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