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अब MP के मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाने के लिए देना होगी लिखित परीक्षा

Rewa riyasat

2017-07-17 09:58:48

भोपाल। मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती के लिए उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा देना होगी। अभी तक इस पद पर भर्ती सिर्फ इंटरव्यू से हो रही थी। भर्ती व्यापमं से होगी। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने 591 पदों पर भर्ती के लिए व्यापमं को पत्र लिखा है। बता दें कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती हो रही है।

दरअसल, शैक्षणिक सत्र 2018-19 से प्रदेश के सात नए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्स शुरू किया जाना है। इसके लिए असिस्टेंट प्रोफेसर्स की भर्ती की जा रही है।

नए मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर्स के 444 पदों के लिए भर्ती होगी। इसके अलावा पुराने मेडिकल कॉलेजों खाली पड़े 151 पदों के लिए भी इसके साथ भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इन पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से होगी। बता दें करीब तीन महीने पहले लिखित परीक्षा से भर्ती का निर्णय हो गया था, लेकिन यह तय नहीं हो पा रहा था कि परीक्षा किस एजेंसी से कराई जाएगी।

इसलिए पड़ी जरूरत 

- सात नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 444 पदों पर भर्ती होनी है। सिर्फ इंटरव्यू से इतने पदों पर भ्ार्ती में बहुत समय लगता।

- इंटरव्यू में कई बार पक्षपात के आरोप लग रहे थे। अब इसकी गुंजाइश नहीं रहेगी।

- योग्य टीचर्स की भर्ती हो सकेगी।

यहां खुलना है कॉलेज

शहडोल, विदिशा, रतलाम, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, दतिया और खंडवा।

2018-19 से शुरू होने हैं नए कॉलेज 

 

सात नए मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस का पहला बैच 2018-19 से शुरू करने की तैयारी है। लिए संचालनालय चिकित्सा शिक्षा ने मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को आवेदन किया है। निरीक्षण के लिए अक्टूबर से मार्च के बीच एमसीआई की टीम कॉलेजों का निरीक्षण करने के लिए आएगी। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती फैकल्टी की भर्ती है। पुराने कॉलेजों की फैकल्टी ट्रांसफर होकर नए कॉलेजों में जाने को तैयार नहीं है। इसके पीछे तर्क यह है कि उनकी नियुक्ति स्वशासी भर्ती नियम के तहत हुई है।

प्रमोशन चाहिए तो नए कॉलेजों में जाना होगा

नए मेडिकल कॉलेजों में एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के पद भरने में काफी मुश्किल हो रही है। वजह, इन पदों को प्रमोशन से ही भरा जा सकता है। सीधी भर्ती नहीं की जा सकती। मौजूदा छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसर व एसोसिएट प्रोफेसर का प्रमोशन तभी होगा जब वे नए कॉलेजों में जाने को तैयार होंगे। वरिष्ठता सूची भी किसी एक कॉलेज की जगह सभी कॉलेजों के लिए बनेगी।

 

 

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